नौकरी बदलते ही भूल गए ये काम? तो लग सकता है तगड़ा चूना, तुरंत ऑनलाइन ट्रांसफर करें पुराना PF बैलेंस
PF Transfer: नौकरी बदलने के बाद अक्सर लोग अपनी पुरानी कंपनी का पीएफ (PF) वैसे ही छोड़ देते हैं और नई कंपनी में नया काम शुरू कर देते हैं। अगर आपने भी हाल ही में जॉब चेंज की है, तो यह लापरवाही आप पर भारी पड़ सकती है। पुरानी कंपनी का पीएफ नए अकाउंट में ट्रांसफर न करने से आपको तगड़ा आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है।
आइए जानते हैं कि जॉब बदलने के बाद पीएफ ट्रांसफर करना क्यों जरूरी है और घर बैठे इसका ऑनलाइन प्रोसेस क्या है, ताकि आपका पैसा पूरी तरह सुरक्षित रहे और आपको पूरा ब्याज मिलता रहे।
पीएफ ट्रांसफर क्यों है जरूरी? (EPF Account Merge Benefits)
जब आप कोई नई नौकरी जॉइन करते हैं, तो आपकी नई कंपनी एक नई PF Member ID जनरेट करती है। लेकिन आपका Universal Account Number (UAN) हमेशा पुराना वाला ही रहता है। कई लोगों को लगता है कि नया पीएफ अकाउंट बनते ही पुराना पैसा अपने आप ट्रांसफर हो जाता है, जबकि ऐसा बिल्कुल नहीं है। इसके लिए आपको खुद ईपीएफओ (EPFO) के पोर्टल पर जाकर अप्लाई करना पड़ता है।
अगर आप ऐसा नहीं करते हैं, तो आपको ये बड़े नुकसान हो सकते हैं:
1. टैक्स का तगड़ा नुकसान (PF Withdrawal Tax Rules)
आयकर नियमों के मुताबिक, अगर आपकी सर्विस लगातार 5 साल की हो जाती है, तो पीएफ का पैसा निकालने पर कोई टैक्स नहीं लगता। लेकिन अगर आपने पुरानी कंपनी का पीएफ नए अकाउंट में ट्रांसफर नहीं किया, तो आपकी सर्विस को लगातार नहीं माना जाएगा। ऐसे में 5 साल से पहले पैसा निकालने पर आपको टैक्स चुकाना पड़ सकता है।
2. पुरानी आईडी से पैसा निकालने में दिक्कत
ईपीएफओ के नियमों के तहत, आप केवल अपनी एक्टिव मेंबर आईडी से ही पीएफ का एडवांस पैसा या फाइनल विड्रॉल कर सकते हैं। पुरानी आईडी निष्क्रिय (Inactive) होने के बाद उससे पैसा निकालना बहुत मुश्किल और झंझट भरा काम बन जाता है।
3. पेंशन का नुकसान (EPS Pension Benefits)
लगातार 10 साल तक पीएफ योगदान पूरा होने पर कर्मचारी पेंशन स्कीम (EPS) के तहत आजीवन पेंशन का फायदा मिलता है। अगर आप पुरानी मेंबर आईडी को नई आईडी से मर्ज नहीं करेंगे, तो आपकी कुल सर्विस की अवधि काउंट नहीं होगी, जिससे आप पेंशन के हकदार होने से चूक सकते हैं।
घर बैठे ऑनलाइन पीएफ ट्रांसफर कैसे करें? (Step-by-Step EPF Online Transfer Process)
ईपीएफओ ने अब इस पूरी प्रक्रिया को बेहद आसान और डिजिटल बना दिया है। आप नीचे दिए गए स्टेप्स को फॉलो करके मिनटों में अपना पीएफ मर्ज कर सकते हैं:
- स्टेप 1: सबसे पहले EPFO के ऑफिशियल यूनिफाइड पोर्टल (Unified Portal) पर जाएं और अपने UAN नंबर, पासवर्ड और कैप्चा कोड की मदद से लॉगइन करें।
- स्टेप 2: लॉगइन करने के बाद ऊपर दिख रहे मेन्यू में ‘Online Services’ वाले ऑप्शन पर क्लिक करें।
- स्टेप 3: यहाँ आपको ‘One Member – One EPF Account (Transfer Request)’ का विकल्प दिखेगा, इस पर क्लिक करें।
- स्टेप 4: अब आपके सामने एक नया पेज खुलेगा, जहाँ आपकी पर्सनल जानकारी और मौजूदा पीएफ अकाउंट की डिटेल दिखाई देगी।
- स्टेप 5: यहाँ आपको अपने पुराने पीएफ खाते की डिटेल देखनी होगी। इसके लिए ‘Get Details’ पर क्लिक करें, जिससे आपकी पुरानी कंपनी की पीएफ आईडी स्क्रीन पर आ जाएगी।
- स्टेप 6: अब आपको इस ट्रांसफर रिक्वेस्ट को अटेस्ट (Approve) कराने के लिए अपने पिछले नियोक्ता (Previous Employer) या वर्तमान नियोक्ता (Present Employer) में से किसी एक को चुनना होगा। वर्तमान नियोक्ता (Present Employer) को चुनना ज्यादा बेहतर और जल्दी काम होने वाला विकल्प रहता है।
- स्टेप 7: इसके बाद अपने रजिस्टर मोबाइल नंबर पर OTP मंगाने के लिए ‘Get OTP’ पर क्लिक करें। आपके फोन पर आए ओटीपी को दर्ज करके सबमिट कर दें।
इसके बाद क्या होता है?
ऑनलाइन एप्लिकेशन सबमिट करने के बाद, आपके चुने गए नियोक्ता (Employer) के पास डिजिटल अप्रूवल के लिए रिक्वेस्ट जाती है। कंपनी जैसे ही इसे डिजिटल सिग्नेचर के जरिए अप्रूव करेगी, ईपीएफओ का field office आपके पुराने पीएफ बैलेंस को नए अकाउंट में ट्रांसफर कर देगा।
स्मार्ट डिसीजन यही है कि नौकरी बदलते ही पुराने पीएफ को निकालने की गलती न करें, बल्कि उसे तुरंत नए अकाउंट में ट्रांसफर करें। इससे आपकी बचत भी बढ़ती रहेगी और भविष्य के लिए एक बड़ा फंड तैयार होगा।
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