Maharashtra Farm Loan Waiver: ₹2 लाख तक का कर्ज होगा माफ, साथ में मिलेंगे ₹50,000; जानें नियम और शर्तें

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Maharashtra Farm Loan Waiver

Maharashtra Farm Loan Waiver: महाराष्ट्र के लाखों अन्नदाताओं के लिए राज्य सरकार की तरफ से एक बेहद राहत भरी और बड़ी खबर सामने आई है। कर्ज के बोझ तले दबे किसानों को संबल देने और उन्हें आर्थिक संकट से बाहर निकालने के लिए सरकार ने एक नई और महत्वाकांक्षी कर्ज माफी योजना को मंजूरी दे दी है। इस योजना का नाम ‘पुण्यश्लोक अहिल्यादेवी होलकर शेतकरी कर्जमुक्ति योजना’ रखा गया है।

मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में इस योजना के प्रारूप और दिशा-निर्देशों पर मुहर लगा दी गई है। सरकार की इस पहल से राज्य के करीब 56 लाख से अधिक किसानों को सीधा फायदा पहुंचने की उम्मीद है। योजना के तहत न सिर्फ ₹2 लाख तक का फसल ऋण (Crop Loan) पूरी तरह माफ किया जाएगा, बल्कि ईमानदारी से लोन चुकाने वाले किसानों को ₹50,000 की प्रोत्साहन राशि भी दी जाएगी।

आइए विस्तार से समझते हैं कि इस योजना का लाभ किन किसानों को मिलेगा, इसके मुख्य नियम क्या हैं और ₹2 लाख से अधिक कर्ज होने पर क्या करना होगा।

पुण्यश्लोक अहिल्यादेवी होलकर शेतकरी कर्जमुक्ति योजना के 3 मुख्य भाग (Loan Waiver Scheme Components)

किसानों की सहूलियत और वित्तीय संतुलन को ध्यान में रखते हुए सरकार ने इस कर्जमुक्ति योजना को तीन अलग-अलग हिस्सों में तैयार किया है:

1. पूर्ण कर्ज माफी (Complete Loan Waiver)

इस भाग के अंतर्गत जिन किसानों का मूलधन (Principal) और ब्याज (Interest) मिलाकर कुल बकाया अल्पकालिक फसल ऋण (Short Term Crop Loan) ₹2 लाख तक है, उनका पूरा कर्ज सरकार द्वारा माफ कर दिया जाएगा।

2. एकमुश्त निपटान योजना (One Time Settlement – OTS)

यदि किसी किसान का बकाया कर्ज ₹2 लाख से अधिक है, तो उन्हें इस ओटीएस (OTS) विकल्प का लाभ दिया जाएगा। इसके तहत किसान को ₹2 लाख से ऊपर की अतिरिक्त राशि खुद बैंक में जमा करनी होगी, जिसके बाद बची हुई ₹2 लाख की राशि को सरकार द्वारा माफ कर दिया जाएगा।

3. प्रोत्साहन लाभ (Incentive Bonus)

यह उन ईमानदार किसानों के लिए है जो समय पर अपने लोन की किश्तें चुकाते हैं। बीते 3 वित्तीय वर्षों (2022-23 से 2024-25) में से कम से कम 2 साल तक निर्धारित समय सीमा के भीतर कर्ज चुकाने वाले किसानों को सरकार की तरफ से ₹50,000 की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। यह पैसा सीधे डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से किसानों के बैंक खातों में भेजा जाएगा।

कर्ज माफी के लिए क्या हैं जरूरी शर्तें? (Eligibility & Guidelines)

सरकार द्वारा जारी की गई गाइडलाइन के मुताबिक, योजना का लाभ लेने के लिए किसानों को निम्नलिखित शर्तों को पूरा करना होगा:

  • लोन की अवधि: कर्ज माफी का लाभ केवल उन्हीं लोन पर मिलेगा जो 1 अप्रैल 2019 से 31 मार्च 2025 के बीच किसी भी मान्यता प्राप्त या सहकारी बैंक से लिए गए हों।
  • बकाया की स्थिति: यह फसल ऋण 30 सितंबर 2025 तक बैंक रिकॉर्ड में बकाया होना चाहिए और 31 मार्च 2026 तक उसका भुगतान न किया गया हो।
  • ओटीएस का गणित: मान लीजिए किसी किसान पर कुल ₹2,60,000 का कर्ज बकाया है, तो योजना का लाभ पाने के लिए उसे पहले ऊपर के ₹60,000 बैंक में खुद जमा करने होंगे। जैसे ही यह राशि जमा होगी, बैंक बाकी के ₹2 लाख का क्लोजर सर्टिफिकेट जारी कर देगा और वह राशि सरकार वहन करेगी।

किन किसानों को नहीं मिलेगा इस योजना का लाभ? (Who is Not Eligible?)

कृषि ऋण माफी का लाभ केवल जरूरतमंद और वास्तविक रूप से संकटग्रस्त किसानों तक ही सीमित रहे, इसके लिए सरकार ने अपात्र लोगों की एक सूची भी तैयार की है। निम्नलिखित लोग इस योजना के दायरे से बाहर रहेंगे:

  • ऐसे किसान जो केंद्र या राज्य सरकार के अधीन किसी सरकारी नौकरी (Government Job) में कार्यरत हैं या रिटायर हो चुके हैं।
  • जो लोग किसी भी प्रकार के संवैधानिक या राजनीतिक पद (जैसे- सांसद, विधायक, जिला परिषद अध्यक्ष आदि) पर आसीन हैं।
  • ऐसे संपन्न किसान जो नियमित रूप से इनकम टैक्स (Income Tax) रिटर्न फाइल करते हैं।
  • सहकारी चीनी मिलों, कताई मिलों या सहकारी समितियों में काम करने वाले ऐसे कर्मचारी जिनकी मासिक सैलरी ₹25,000 से अधिक है।

महाराष्ट्र सरकार की इस कर्जमुक्ति योजना की विस्तृत लिस्ट और ऑनलाइन आवेदन/सत्यापन की प्रक्रिया जल्द ही आधिकारिक पोर्टल पर शुरू कर दी जाएगी। किसान भाई अपने नजदीकी कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) या अपने संबंधित बैंक शाखा में जाकर भी अपनी लोन की स्थिति की जांच कर सकते हैं।

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