EPFO Scheme 2026: कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने करोड़ों नौकरीपेशा कर्मचारियों को राहत देते हुए Employees’ Provident Funds (EPF) Scheme, 2026 को अधिसूचित कर दिया है। 29 जून 2026 को लागू की गई इस नई योजना ने वर्ष 1952 के पुराने और जटिल नियमों की जगह ले ली है। सोशल सिक्योरिटी कोड 2020 (Code on Social Security, 2020) के तहत लाए गए इन नए नियमों का मुख्य मकसद पीएफ एडवांस निकासी की प्रक्रिया को ज्यादा पारदर्शी, सरल और पूरी तरह डिजिटल बनाना है।
इस नए ढांचे के तहत सबसे बड़ा बदलाव यह किया गया है कि पहले मौजूद 13 अलग-अलग निकासी नियमों और शर्तों को खत्म करके अब उन्हें केवल 3 मुख्य श्रेणियों में समेट दिया गया है।
13 की जगह अब सिर्फ 3 श्रेणियों में मिलेगा PF एडवांस
पुराने नियमों में हर जरूरत (जैसे बीमारी, शादी या घर खरीदना) के लिए अलग सेवा अवधि और पात्रता की शर्तें होती थीं, जिन्हें समझना कर्मचारियों के लिए काफी मुश्किल होता था। अब नई EPF Scheme 2026 के तहत इन्हें केवल तीन श्रेणियों में बांटा गया है:
- जरूरी सामाजिक सुरक्षा जरूरतें (Essential Social Security Needs): इसमें इलाज, शिक्षा और शादी से जुड़े सभी खर्चों को शामिल किया गया है।
- आवास संबंधी जरूरतें (Housing Needs): इसमें प्लॉट खरीदना, घर या फ्लैट खरीदना, मकान का निर्माण और मरम्मत या विस्तार शामिल हैं।
- विशेष परिस्थितियां (Special Circumstances): आपातकालीन या अप्रत्याशित वित्तीय जरूरतों के लिए।
नए नियमों के तहत 5 सबसे बड़े बदलाव
- 12 महीने की न्यूनतम सदस्यता: अब तीनों में से किसी भी श्रेणी के तहत आंशिक निकासी (Partial Withdrawal) के लिए कर्मचारी का कम से कम 12 महीने तक ईपीएफ सदस्य होना अनिवार्य है।
- खाते में 25% बैलेंस रखना अनिवार्य: कर्मचारियों की रिटायरमेंट सेविंग्स को सुरक्षित रखने के लिए नियम बनाया गया है कि किसी भी आंशिक निकासी के बाद खाते में कम से कम 25 प्रतिशत राशि बची रहनी चाहिए। यानी सामान्य स्थिति में सदस्य अपने कुल बैलेंस का अधिकतम 75% तक एडवांस निकाल सकते हैं।
- न्यूनतम निकासी सीमा: किसी भी आंशिक निकासी के लिए क्लेम की न्यूनतम राशि ₹1,000 तय की गई है।
- पुराना रिकॉर्ड नहीं गिना जाएगा (Transitional Provision): अगर आपने नई योजना लागू होने से पहले कई बार एडवांस निकाला है, तो उसे नए कोटा/सीमा में नहीं जोड़ा जाएगा। आपको नई योजना के तहत नए सिरे से निकासी का अधिकार मिलेगा।
- विशेष परिस्थितियों में छूट: ‘विशेष परिस्थितियाँ’ श्रेणी के तहत अब कोई कारण या दस्तावेज साबित करने की जरूरत नहीं होगी। हालांकि, इस श्रेणी में एक वित्तीय वर्ष में अधिकतम 2 बार ही निकासी की अनुमति होगी।
इलाज, शिक्षा, शादी और घर के लिए निकासी की नई सीमाएं
| निकासी का उद्देश्य | नई श्रेणी | कुल सदस्यता काल में अधिकतम निकासी सीमा |
| बीमारी का इलाज (स्वयं, जीवनसाथी, बच्चे, आश्रित माता-पिता) | Essential Social Security Needs | कोई आजीवन सीमा नहीं (जरूरत पड़ने पर कितनी भी बार) |
| पढ़ाई / शिक्षा (स्वयं या बच्चों की शिक्षा) | Essential Social Security Needs | पूरे करियर में अधिकतम 10 बार |
| शादी के खर्च (स्वयं, बच्चों या भाई-बहन की शादी) | Essential Social Security Needs | पूरे करियर में अधिकतम 5 बार |
| घर/प्लॉट खरीदना व मरम्मत | Housing Needs | पूरे करियर में अधिकतम 5 बार |
पूरा PF (Final Settlement) कब निकाल सकते हैं?
पूरा पीएफ बैलेंस निकालकर खाता बंद करने की सुविधा केवल तय परिस्थितियों में ही मिलेगी:
- रिटायरमेंट (सेवानिवृत्ति) के बाद।
- स्थायी और पूर्ण दिव्यांगता की स्थिति में।
- स्थायी रूप से विदेश में बसने पर।
- लगातार बेरोजगार रहने की स्थिति में (नौकरी छोड़ने पर पहले 75% एडवांस निकाला जा सकता है, फिर तय अवधि तक बेरोजगार रहने पर पूरा सेटलमेंट संभव है)।
पूरी तरह डिजिटल होगी क्लेम प्रक्रिया
EPFO ने नई योजना के तहत क्लेम रिजेक्शन को कम करने और प्रोसेसिंग को तेज करने के लिए प्रक्रिया को पूरी तरह डिजिटल और ऑनलाइन रखा है। दावों का निपटारा ऑनलाइन आवेदन, आधार प्रामाणिकरण और इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड के आधार पर होगा।
नोट: खाताधारक अपना UAN, आधार, PAN और बैंक डिटेल्स समय-समय पर अपडेट रखें। ध्यान दें कि UPI या ATM से पीएफ निकासी जैसी सुविधाओं की चर्चाएं जरूर हुई हैं, लेकिन फिलहाल इन्हें आधिकारिक रूप से लागू नहीं किया गया है।










