EPFO New Rules 2026:- अगर आप भी अपनी मेहनत की कमाई यानी पीएफ (PF) का पैसा निकालने की सोच रहे हैं, तो रुक जाइए! 1 अप्रैल 2026 से कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने नियमों में ऐसा बदलाव किया है जिसके बारे में आपको जानना बेहद जरूरी है। अब तक आप जो 15G और 15H फॉर्म भरकर टैक्स बचाते थे, वे अब गुजरे जमाने की बात हो गए हैं।
देश में अब नया इनकम टैक्स एक्ट 2025 लागू हो चुका है, जिसने 1961 के पुराने कानून की जगह ले ली है। इस बदलाव का सीधा असर आपके पीएफ अकाउंट और उस पर कटने वाले टीडीएस (TDS) पर पड़ा है। अगर आपने इस नए नियम को समझने में देरी की, तो मुमकिन है कि आपके हाथ में आने वाला पैसा उम्मीद से काफी कम हो।
और पढ़े –Solar Pump Subsidy 2026: सिर्फ 20% पैसे देकर लगवाएं सोलर पंप, बाकी 80% देगी सरकार, जल्द करें आवेदन
15G और 15H की छुट्टी, अब आएगा ‘फॉर्म 121’
पुराने सिस्टम में जब भी आप पीएफ का पैसा निकालते थे और आपकी आय टैक्स के दायरे में नहीं होती थी, तो आप फॉर्म 15G (आम लोगों के लिए) या 15H (बुजुर्गों के लिए) जमा करते थे। लेकिन 1 अप्रैल 2026 से इन दोनों फॉर्म्स को पूरी तरह से बंद (Phase Out) कर दिया गया है।
अब सरकार ने एक नया और कंसोलिडेटेड डिक्लेरेशन फॉर्म पेश किया है, जिसे ‘फॉर्म 121’ का नाम दिया गया है। यह फॉर्म उन लोगों के लिए संजीवनी बूटी की तरह है जिनकी सालाना टैक्स देनदारी जीरो है। अब आपको अलग-अलग फॉर्म के चक्कर में नहीं पड़ना होगा, बस फॉर्म 121 भरिए और अपने पीएफ पर होने वाली टैक्स कटौती को रोकिए।
किसे भरना होगा यह नया फॉर्म और क्या है प्रोसेस?
फॉर्म 121 हर किसी के लिए अनिवार्य नहीं है। यह सिर्फ उन रेजिडेंट इंडिविजुअल्स (भारतीय निवासियों) के लिए है जिनकी उस साल की अनुमानित टैक्स लायबिलिटी शून्य है। अगर आपकी कुल इनकम टैक्स स्लैब से नीचे है, तभी आप इस फॉर्म के जरिए टीडीएस छूट का दावा कर सकते हैं।
इस फॉर्म के दो हिस्से हैं—पार्ट A और पार्ट B। पार्ट A आपको यानी मेंबर को खुद भरना होगा और उस पर साइन करने होंगे। इसमें आपको अपनी बेसिक जानकारी और अनुमानित सालाना आय की डिटेल देनी होगी। वहीं पार्ट B का काम ईपीएफओ के रीजनल ऑफिस का है। वे आपकी जानकारी को वेरिफाई करेंगे और प्रोसेस को आगे बढ़ाएंगे।
रीजनल ऑफिस की बढ़ गई जिम्मेदारी, अब मिलेगा UIN
ईपीएफओ ने अपने सभी क्षेत्रीय कार्यालयों को सख्त निर्देश दिए हैं कि फॉर्म 121 के आने के बाद काम में कोई कोताही न बरती जाए। अब हर जमा किए गए फॉर्म 121 को एक यूनिक आइडेंटिफिकेशन नंबर (UIN) दिया जाएगा। इस नंबर में आपका टैक्स साल, सीक्वेंस नंबर और ऑफिस का टैन (TAN) नंबर शामिल होगा।
यह UIN इसलिए जरूरी है ताकि भविष्य में किसी भी ऑडिट या गड़बड़ी के समय आपके फॉर्म को आसानी से ट्रैक किया जा सके। 1 अप्रैल 2026 से हर ऑफिस को एक कंसिस्टेंट सीक्वेंस मेंटेन करना होगा। यानी अब सिस्टम पहले से कहीं ज्यादा पारदर्शी और डिजिटल होने जा रहा है, जिससे गड़बड़ी की गुंजाइश खत्म हो जाएगी।
महीने के अंत में होगी सीधी रिपोर्टिंग, नहीं चलेगी चालाकी
अब सरकार की नजर आपके हर ट्रांजेक्शन पर है। ईपीएफओ के रीजनल ऑफिस अब हर महीने प्राप्त होने वाले फॉर्म 121 की एक कंसोलिडेटेड रिपोर्ट तैयार करेंगे। इस रिपोर्ट को सीधे इनकम टैक्स के ई-फाइलिंग पोर्टल पर अपलोड किया जाएगा।
इसके अलावा, जब ईपीएफओ अपनी तिमाही टीडीएस रिटर्न (फॉर्म 140) फाइल करेगा, तो वहां भी आपके UIN का जिक्र करना जरूरी होगा। इसका मतलब है कि अब इनकम टैक्स विभाग और ईपीएफओ के बीच डेटा शेयरिंग रीयल-टाइम में होगी। अगर आप गलत डिक्लेरेशन देकर टैक्स बचाने की कोशिश करेंगे, तो सिस्टम तुरंत उसे पकड़ लेगा।
डिजिटल साइन और ऑनलाइन सबमिशन की मिलेगी सुविधा
ईपीएफओ अपने मेंबर्स की सहूलियत के लिए सिस्टम इंटीग्रेशन पर तेजी से काम कर रहा है। विभाग ने अपने इंटरनल सिस्टम्स डिवीजन को निर्देश दिया है कि फॉर्म 121 को पूरी तरह से डिजिटल बनाया जाए। जल्द ही आप अपने यूएएन (UAN) पोर्टल पर जाकर ई-साइन (E-Sign) के जरिए इसे ऑनलाइन सबमिट कर सकेंगे।
आपको बैंक या ईपीएफओ दफ्तर के चक्कर काटने की जरूरत नहीं पड़ेगी। बस कुछ क्लिक्स में आपका डिक्लेरेशन जमा हो जाएगा। यह कदम ‘ईज ऑफ लिविंग’ के तहत उठाया गया है, ताकि नौकरीपेशा लोगों को अपने ही पैसे के लिए दफ्तरों की खाक न छाननी पड़े।
समय रहते अपडेट कर लें अपनी जानकारी
नया इनकम टैक्स एक्ट 2025 कई मायनों में सरल है, लेकिन इसके साथ तालमेल बिठाना जरूरी है। अगर आपका पीएफ क्लेम पेंडिंग है या आप जल्द ही विड्रॉल करने वाले हैं, तो यह सुनिश्चित कर लें कि आपका केवाईसी (KYC) अपडेटेड है।
फॉर्म 121 का फायदा तभी मिलेगा जब आपका आधार और पैन कार्ड आपके पीएफ खाते से लिंक होगा। 1 अप्रैल के बाद पुराने फॉर्म्स का इस्तेमाल करने पर वे रिजेक्ट हो जाएंगे और बैंक सीधे आपकी राशि पर अधिकतम टैक्स काट सकता है। इसलिए स्मार्ट बनें और नए नियमों के हिसाब से अपनी फाइलिंग की तैयारी आज ही शुरू कर दें।
Disclaimer: यह लेख केवल सामान्य जानकारी प्रदान करने के लिए है और इसे प्रोफेशनल टैक्स या कानूनी सलाह न माना जाए। इनकम टैक्स और ईपीएफओ के नियमों में सरकार द्वारा बदलाव किए जा सकते हैं, इसलिए किसी भी निर्णय से पहले आधिकारिक वेबसाइट या विशेषज्ञ की सलाह अवश्य लें।
| WhatsApp ग्रुप से जुड़ें |
| Join WhatsApp Group |