Breakfast Tips: क्या आप भी हर सुबह इस उलझन में रहती हैं कि घर के बुजुर्गों को नाश्ते में ऐसा क्या दिया जाए जो उनकी सेहत के लिए भी अच्छा हो और उन्हें स्वाद भी आए? बढ़ती उम्र में पाचन तंत्र (Digestive System) थोड़ा धीमा हो जाता है, इसलिए भारी या तला-भुना खाना उनकी सेहत बिगाड़ सकता है।
अक्सर हम वही नाश्ता सबको परोस देते हैं जो बच्चे खाते हैं, लेकिन सास-ससुर या दादा-दादी के लिए पोषण और सॉफ्टनेस का ध्यान रखना बहुत जरूरी है। एक गलत मील उनके पूरे दिन के चैन को खराब कर सकता है, खासकर अगर उन्हें डायबिटीज या ब्लड प्रेशर जैसी समस्याएं हैं।
आज हम आपके लिए लाए हैं 5 ऐसे शानदार और टेस्टी ब्रेकफास्ट आइडियाज, जो न केवल मिनटों में तैयार हो जाते हैं बल्कि घर के बड़ों को अंदरूनी ताकत भी देंगे। ये डिशेस इतनी सॉफ्ट हैं कि उन्हें चबाने में भी कोई परेशानी नहीं होगी। आइए जानते हैं क्या है वो खास मेनू।
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वेज दलिया

जब बात बुजुर्गों के स्वास्थ्य की आती है, तो ‘वेज दलिया’ लिस्ट में सबसे ऊपर रहता है। गेहूं या जौ का दलिया न केवल आसानी से पच जाता है, बल्कि यह फाइबर से भरपूर होने के कारण कब्ज (Constipation) जैसी पुरानी समस्याओं में भी राहत देता है।
इसे बनाने के लिए दलिया को हल्के घी में भून लें। फिर कुकर में अपनी पसंद की नरम सब्जियां जैसे लौकी, गाजर और मटर डालकर इसे प्रेशर कुक करें। यह खिचड़ी जैसा सॉफ्ट टेक्सचर देता है, जिसे बुजुर्ग बड़े चाव से खाते हैं। इसमें हल्दी और अदरक डालने से उनकी इम्यूनिटी भी बढ़ती है।
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सूजी का वेज उपमा

अगर आपके सास-ससुर को कुछ हल्का और चटपटा खाने का मन है, तो वेज उपमा एक बेस्ट ऑप्शन है। सूजी यानी रवा पेट पर बिल्कुल भारी नहीं पड़ता और इसे खाने के बाद शरीर में तुरंत एनर्जी महसूस होती है।
उपमा बनाते समय ध्यान रखें कि सूजी को अच्छी तरह भून लिया जाए। तड़के में राई और कढ़ी पत्ता का इस्तेमाल करें, जो हार्ट हेल्थ के लिए बहुत अच्छे माने जाते हैं। इसमें बारीक कटी सब्जियां और थोड़े से भुने हुए काजू डालने से इसका स्वाद और पोषण दोनों दोगुना हो जाता है।
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मूंग दाल चीला

उम्र बढ़ने के साथ शरीर को प्रोटीन की बहुत जरूरत होती है, लेकिन हैवी दालें पचाना मुश्किल हो सकता है। ऐसे में ‘मूंग दाल चीला’ एक सुपरफूड की तरह काम करता है। यह इतना सॉफ्ट होता है कि बिना दांतों वाले बुजुर्ग भी इसे आसानी से खा सकते हैं।
भीगी हुई मूंग दाल को अदरक और हरी मिर्च के साथ पीस लें। इस घोल को तवे पर फैलाकर बिल्कुल कम तेल में सेकें। अगर आप इसे और भी हल्का बनाना चाहती हैं, तो बैटर में थोड़ा सा पनीर कद्दूकस करके डाल दें। यह नाश्ता उन्हें दिनभर एक्टिव रखने में मदद करेगा।
उबले हुए स्प्राउट्स का सलाद
अक्सर हम बुजुर्गों को स्प्राउट्स (अंकुरित अनाज) देने से कतराते हैं क्योंकि वे सख्त होते हैं और उन्हें चबाना मुश्किल होता है। लेकिन अगर आप इन्हें हल्का उबाल लें, तो ये उनकी डाइट का सबसे पौष्टिक हिस्सा बन सकते हैं।
अंकुरित मूंग या चने को थोड़ा नमक डालकर प्रेशर कुकर में एक सीटी आने तक पकाएं। अब इसमें बारीक कटा खीरा, टमाटर और अनार के दाने मिलाएं। ऊपर से हल्का काला नमक और नींबू का रस डालने से यह एक रिफ्रेशिंग सलाद बन जाता है, जो उनकी भूख को भी मिटाता है और वजन भी कंट्रोल में रखता है।
व्होल व्हीट ब्रेड पोहा
अगर आप रोज वही पोहा खाकर बोर हो गए हैं, तो ‘ब्रेड पोहा’ ट्राई करें। बुजुर्गों के लिए हमेशा व्होल व्हीट या ब्राउन ब्रेड का ही चुनाव करें। इसके किनारों को काटकर अलग कर दें ताकि वह पूरी तरह सॉफ्ट रहे।
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कढ़ाई में राई, हल्दी और बारीक कटी सब्जियों का तड़का तैयार करें और ब्रेड के टुकड़ों को इसमें मिक्स कर दें। यह डिश इतनी जल्दी बनती है कि जब आप जल्दी में हों, तब भी अपने सास-ससुर को एक पौष्टिक नाश्ता दे सकती हैं। इसका मुलायम टेक्सचर उन्हें जरूर पसंद आएगा।
बुजुर्गों के खान-पान में इन छोटी बातों का रखें ख्याल
सिर्फ रेसिपी जानना ही काफी नहीं है, बुजुर्गों के लिए खाना बनाते समय मसालों का संतुलन बहुत जरूरी है। ज्यादा तीखा या ज्यादा तेल वाला खाना उनके सीने में जलन और एसिडिटी पैदा कर सकता है। हमेशा सेंधा नमक का इस्तेमाल करें, जो बीपी पेशेंट्स के लिए बेहतर है।
कोशिश करें कि नाश्ते के साथ उन्हें एक कप गुनगुना पानी या हर्बल टी जरूर दें। खाना हमेशा ताजा और गरम ही परोसें। जब खाना प्यार से और उनकी पसंद का बना होता है, तो वह उनके शरीर को ज्यादा अच्छी तरह से लगता है।
डाइट में शामिल करें ये खास आयुर्वेदिक चीजें
बुजुर्गों के नाश्ते में थोड़ा सा जीरा और हींग का तड़का जरूर लगाएं, क्योंकि ये चीजें डाइजेशन को स्मूथ बनाती हैं। अगर उन्हें दूध पचता है, तो नाश्ते के बाद एक छोटा गिलास हल्दी वाला दूध भी दिया जा सकता है।
सुबह के समय उन्हें ओट्स या मखाना जैसी चीजें देना भी फायदेमंद होता है। ये चीजें हड्डियों को मज़बूती देती हैं और उम्र के साथ होने वाली जोड़ों के दर्द की समस्या को कम करने में मदद करती हैं। एक संतुलित नाश्ता ही उनके लंबे और स्वस्थ जीवन की नींव है।
क्या है बुजुर्गों के लिए नाश्ते का सही समय?
डॉक्टर्स की मानें तो बुजुर्गों को सुबह उठने के 1 से 2 घंटे के भीतर नाश्ता कर लेना चाहिए। देर से नाश्ता करने से उनका शुगर लेवल गिर सकता है और उन्हें कमजोरी महसूस हो सकती है। सुबह 8 से 9 बजे का समय ब्रेकफास्ट के लिए सबसे आइडियल माना जाता है।
एक बार जब आप उनके नाश्ते का रूटीन सेट कर देती हैं, तो उनकी पूरी बॉडी क्लॉक सही से काम करने लगती है। इससे उन्हें रात में नींद भी अच्छी आती है और सुबह पेट भी साफ रहता है।
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