अब देश के किसी भी कोने से उठाएं मुफ्त राशन, सरकार ने शुरू की नई डिजिटल ई-रुपी (e-₹) व्यवस्था

ONORC Scheme Latest Update: अगर आप भी राशन कार्ड धारक हैं, तो आपके लिए केंद्र सरकार की तरफ से एक बेहद शानदार और बड़ी खबर सामने आई है। सरकार की महत्वाकांक्षी योजना ‘वन नेशन वन राशन कार्ड’ (One Nation One Ration Card – ONORC) के तहत अब देश का कोई भी नागरिक किसी भी राज्य या जिले की नजदीकी सरकारी राशन दुकान (Fair Price Shop) से अपना अनाज बेहद आसानी से ले सकता है। इसके लिए आपको अपने गृह राज्य या मूल निवास स्थान पर होने की कोई मजबूरी नहीं है। सरकार का मुख्य मकसद यह सुनिश्चित करना है कि रोजगार या किसी अन्य वजह से पलायन करने वाले गरीब परिवारों को देश में कहीं भी भूखा न सोना पड़े और उनका हक उन्हें हर हाल में मिले।

क्या है वन नेशन वन राशन कार्ड (ONORC) योजना और इसके फायदे?

यह एक ऐसी डिजिटल और एकीकृत व्यवस्था है जो राशन कार्ड धारकों को पूरे भारत में कहीं भी पोर्टेबिलिटी की सुविधा देती है। इसके तहत लाभार्थियों को प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना (PMGKAY) के अंतर्गत मिलने वाला मुफ्त या सब्सिडी वाला राशन देश के किसी भी कोने में मिल जाता है।

इस स्कीम का सबसे बड़ा फायदा यह है कि अगर आप काम, पढ़ाई या किसी और वजह से अपना शहर या राज्य बदलते हैं, तो आपको बार-बार नया राशन कार्ड बनवाने की झंझट से मुक्ति मिल जाती है। आपको बस अपना मौजूदा राशन कार्ड या आधार नंबर नजदीकी डीलर को दिखाना होता है और बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन के जरिए तुरंत आपका कोटा आपको मिल जाता है। यह कदम खासकर प्रवासी मजदूरों, दैनिक वेतनभोगियों और उनके परिवारों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है।

गुजरात से हुई बड़ी शुरुआत: अब बायोमेट्रिक फेल होने की टेंशन खत्म, आया ‘डिजिटल फूड करेंसी’

राशन वितरण प्रणाली (PDS) को 100% पारदर्शी और तकनीकी रूप से एडवांस बनाने के लिए सरकार ने एक और क्रांतिकारी कदम उठाया है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और केंद्रीय उपभोक्ता मामले, खाद्य और सार्वजनिक वितरण मंत्री प्रल्हाद जोशी ने गुजरात से सेंट्रल बैंक डिजिटल करेंसी (CBDC) आधारित ‘डिजिटल फूड करेंसी’ के पायलट प्रोजेक्ट की शुरुआत की है।

इस ऐतिहासिक लॉन्चिंग के दौरान गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल और राज्य मंत्री निमुबेन जयंतीभाई बांभनिया भी मौजूद रहे। केंद्रीय मंत्री प्रल्हाद जोशी ने इस दौरान एक नया और दमदार नारा दिया – “हर दाना, हर रुपया, हर अधिकार”। उन्होंने बताया कि भारत का पब्लिक डिस्ट्रीब्यूशन सिस्टम दुनिया का सबसे बड़ा खाद्य सुरक्षा नेटवर्क है, जो 80 करोड़ से अधिक लोगों को कवर करता है।

कैसे काम करेगा e-₹ (ई-रुपी) डिजिटल कूपन सिस्टम?

अक्सर देखा जाता है कि कई दूर-दराज के इलाकों में नेटवर्क न होने के कारण ई-पॉश (e-POS) मशीन काम नहीं करती या फिंगरप्रिंट (बायोमेट्रिक) मैच नहीं होता, जिससे गरीबों को राशन मिलने में देरी होती है। इस समस्या को जड़ से खत्म करने के लिए रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) द्वारा तैयार किए गए डिजिटल कूपन सीधे लाभार्थियों के मोबाइल पर प्रोग्रामेबल डिजिटल करेंसी (e₹) के रूप में भेजे जाएंगे।

  • लाभार्थी को अपने मोबाइल पर एक सुरक्षित वाउचर या कूपन कोड मिलेगा।
  • राशन दुकान (FPS) पर जाकर केवल इस कोड को दिखाकर रियल-टाइम में सुरक्षित तरीके से ट्रांजैक्शन पूरा हो जाएगा।
  • इससे राशन की कालाबाजारी पूरी तरह बंद होगी और लाभार्थियों को उनके अधिकारों के प्रति अधिक जागरूकता मिलेगी।

आगामी प्लान: गुजरात में इस डिजिटल फूड करेंसी के सफल ट्रायल के बाद केंद्र सरकार इस बेहद आधुनिक व्यवस्था को जल्द ही चंडीगढ़, पुडुचेरी, और दादरा एवं नगर हवेली और दमन व दीव जैसे केंद्र शासित प्रदेशों (UTs) में भी लागू करने जा रही है।

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